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मैने उसे लिखा अखरी खत...💔💔

 वो भी शायद रो पड़े "वीरान"🏚️ कागज़ देख कर,,, मैने उसको "आख़िरी ख़त" में लिखा कुछ भी नहीं....!!💔💔

बाबा पुराने दौर की...🏚️🏚️🏚️

बाबा पुराने "दौर"🏚️ की कुछ तो बात🧐 बताइए,  ऐसा सुना है... होती थी क़ीमत "ज़बान"😋 की !

दिल ऐसे मुब्तला हु़वा

"दिल"❤️ ऐसे "मुबतला"🧐 हुआ तेरे मलाल में,  "जुल्फे"👱‍♀️ सफेद हो गई "19 साल" में,  ऐसे वह "रो रहा"😭 था मेरा हाल देखकर,  आया हुआ हो जैसे किसी "इंतकाल"⚰️ में।

समय और समझ दोनो

"समय"⏰ और "समझ"🤔 दोनों एक साथ..! बस "किस्मत"🧐 वालों को ही मिलती हैं,  क्योंकि अक्सर "समय पर समझ" नहीं आती..!  और "समझ🤔 आने पर "समय"⏰ निकल जाता है..।

जो लड़की हर किसी से..🥺💔

जो "लड़की"🙍 हर किसी से बात करे वो कभी "एक"👫 की नहीं हों सकती..!!

Ye बारिश भी तुम सी

कभी "बेपनाह" बरसी, कभी गुम सी है  ये बारिश भी "कुछ कुछ" तुम सी है।

हम तो केवल जरूरत...💔🥺🥀

 हम तो केवल "जरूरत"🥺 थे  जरूरी तो कोई "और"💔🥀 था..!