Tere ishq ki janjeer ...🥺💔🥀
तेरे इश्क़ की ज़ंजीर ही, टूटी निकली मिलते कैसे,क़िस्मत ही फूटी निकली मेरी क़समें झूठी, बातें झूठी,मानते हैं तुम्हारी तो मोहब्बत ही,झूठी निकली देखने लगा उसे, उस खिड़की से मैं जब भी मेरी गली से, स्कूटी निकली उसने मेरे ज़नाज़े को भी, नहीं देखो देखो उसे वो, कितनी रूठी निकली जिसके हाथ होते थे, मेरे गालों पर उसकी उंगलियों में, अंगूठी निकली हम ढूंढ रहे थे, दर्दे दिल का इलाज़ फिर मयखाने से, जड़ीबूटी निकली 🖤🥀 Sufi ke kisse