दिलो की इमारतों में बंदगी....

 "दिलों"💔 की "इमारतों"🏙️ में "बंदगी"🤲 का नामो निशां नहीं..!

 पर "ईंटों"🧱 के "मंदिर-मस्जिद"🕌में "ख़ुदा" ढूंढते हैं लोग।।।

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