Mohbbat me jo sun रखा था
"मोहब्बत" 💔 में जो सुन रखा था वैसा कुछ नहीं होता।
की इसमें "बंदा"👤 अंदर ही अंदर मरता है ज्यादा कुछ नहीं होता।।
ये फ़िल्मों में ही सबको "प्यार" ❤️ मिल जाता है आखिर में।
मगर सचमुच में इस "दुनिया"🌎 में ऐसा कुछ नहीं होता।
मेरी गुरबत ने मेरी "दुनिया"🌎 छीन ली "सूफी"
मेरी अम्मा तो कहती थी की "पैसा"💸 कुछ नही होता।।
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