तेरे काबिल ए-जिन्दगी...!

 कैसे करूं मैं खुद को तेरे "काबिल ए-जिन्दगी"

जब मैं "आदतें" बदलता हूं तूं "शर्तें" बदल देती है..!🥺🥀💔

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